बस्ती: रोंगटे खड़े कर देने वाली हैवानियत! नाबालिग छात्रा को अगवा कर गैंगरेप, फिर धकेला देह व्यापार में; मुठभेड़ में दो इनामी बदमाश गिरफ्तार, दरोगा घायल

बस्ती: (संवाददाता)

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कानून व्यवस्था को हिला देने वाला एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। एक नाबालिग छात्रा की गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने जब जाँच शुरू की, तो वह एक बड़े और खतरनाक मानव तस्करी रैकेट के काले कारोबार का भंडाफोड़ करने में सफल रही। इस मामले में पुलिस ने दो मुख्य इनामी अपराधियों को एक मुठभेड़ के बाद दबोच लिया है।

हॉस्टल से निकली और पहुँच गई हैवानों के चंगुल में

यह दिल दहला देने वाली घटना 25 अगस्त को शुरू हुई । कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली एक 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा का अपनी वार्डन के साथ किसी बात पर विवाद हो गया । गुस्से में आकर उसने हॉस्टल छोड़ दिया और नगर के कलवारी मार्ग पर निकल गई । यहीं से उसकी जिंदगी की सबसे भयावह यात्रा शुरू हुई।  

कलवारी मार्ग पर एक ट्रक ड्राइवर ने उसे आगे तक छोड़ने का लालच दिया। जब छात्रा ने मना किया तो उसे जबरन ट्रक में बिठा लिया गया और एक सुनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया । हैवानियत की हद तो तब पार हो गई, जब ड्राइवर ने अपने एक साथी को बुलाया, जिसने भी कई बार उसका शारीरिक शोषण किया ।  

देह व्यापार के दलदल में धकेली गई मासूम

दुष्कर्म के बाद भी अपराधियों का मन नहीं भरा। उन्होंने नाबालिग को सुल्तानपुर कटका के पास ‘सीमा’ नाम की एक महिला को बेच दिया । यह मानव तस्करी का एक घिनौना कारोबार था, जिसमें पीड़िता को अयोध्या के आरटीओ ऑफिस के पास एक किराए के मकान में रखा गया और उसे जबरन देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया गया । पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि वहाँ आने-जाने वाले ट्रक ड्राइवरों द्वारा उसके साथ कई बार जबरन दुष्कर्म किया गया और सीमा इसके बदले पैसे लेती थी ।

पुलिस की मुस्तैदी, सटीक इनपुट और बड़ी गिरफ्तारी

नाबालिग की गुमशुदगी की शिकायत मिलने के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में जुट गई थी । इस मामले में पुलिस को 6 सितंबर को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली, जब एक मुखबिर ने सूचना दी कि एक ट्रक ड्राइवर नाबालिग को बेचने की फिराक में है ।  

मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए, 7 सितंबर की रात को पुलिस ने कलवारी मार्ग पर एक ट्रक (MH 04 LE 1921) को रोका । तलाशी लेने पर लापता नाबालिग को बरामद कर लिया गया और मौके पर ही ट्रक ड्राइवर राहुल पांडेय को हिरासत में लिया गया, जो राजस्थान का निवासी था । राहुल से मिली जानकारी के आधार पर, पुलिस ने मानव तस्करी के इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ किया और पांच अन्य आरोपियों, सुनील, पंकज, सुभाष, सीमा और राम सहाय को भी गिरफ्तार कर लिया ।

मुठभेड़ में धराए इनामी बदमाश, दरोगा घायल

इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले दो मुख्य आरोपी, सुनील और पंकज, अभी भी फरार थे । इन दोनों पर पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था । सोमवार को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि दोनों बदमाश कुढ़ा पट्टी गांव के पास छिपे हुए हैं ।

पुलिस ने तुरंत घेराबंदी की, लेकिन बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी । इस गोलीबारी में नगर थाने के थानाध्यक्ष विश्वमोहन राय के हाथ में गोली लगी और वह घायल हो गए । पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैरों में गोली मारकर उन्हें घायल कर दिया और गिरफ्तार कर लिया । मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने दो तमंचे, कारतूस और एक बाइक भी बरामद की है ।  

पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने इस घटना को पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता बताया । उन्होंने यह भी जानकारी दी कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म, अपहरण, धमकी, देह व्यापार और शस्त्र अधिनियम जैसी कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं । इस मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत पीड़िता का बयान भी दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराया जाएगा, ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!