Bareilly, 29 सितम्बर — उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में शुक्रवार की नमाज़ के बाद माहौल अचानक गरम हो गया। “I Love Muhammad” लिखे पोस्टरों और नारों के विरोध-समर्थन में हज़ारों लोग सड़क पर उतर आए। शांतिपूर्ण शुरुआत देखते-देखते हिंसा में बदल गई और शहर के कई हिस्सों में पत्थरबाज़ी, तोड़फोड़ और पुलिस पर हमले की घटनाएँ दर्ज हुईं।
🔥 घटना का क्रम
शुक्रवार की नमाज़ के बाद बड़ी संख्या में लोग “I Love Muhammad” पोस्टर लेकर इस्लामिया ग्राउंड और आसपास के इलाकों में इकट्ठा हुए। नारे लगे, पोस्टर लहराए गए और देखते ही देखते तीन थाना क्षेत्रों – सदर कोतवाली, प्रेमनगर और बारादरी – में भीड़ बढ़ती गई। अचानक किसी गुट ने पत्थरबाज़ी शुरू की । दुकानों के शटर गिरने लगे, वाहनों को क्षति पहुँची और पुलिसकर्मी भी निशाने पर आ गए ।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, “करीब 90–95% लोग शांतिपूर्ण थे, मगर कुछ उपद्रवी तत्वों ने माहौल बिगाड़ा और हिंसा भड़क गई।”
👮♂️ पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियाँ
- शुरुआती दौर में 36 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से 15 को सीधे जेल भेजा गया।
- मौलाना तौकीर रज़ा खान, एक प्रमुख धर्मगुरु, को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
- Prem Nagar थाने में दर्ज FIR में मौलाना तौकीर रज़ा, 25 नामज़द और 200 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया।
- अन्य रिपोर्टों में कहा गया कि कुल 180 नामज़द और करीब 2,500 अज्ञात लोग अभियोगों में शामिल हैं।
🚨 इंटरनेट पर रोक और सुरक्षा
अफवाहों को रोकने और माहौल पर काबू पाने के लिए प्रशासन ने 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएँ बंद कर दीं ।
शहर में धारा-163 के तहत सभा-जुलूसों पर रोक लगाई गई और पुलिस ने फ्लैग मार्च कर संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया ।
🩸 घायल और नुकसान
हिंसा में कम से कम 10 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। कई गाड़ियों और दुकानों को नुकसान हुआ, बाज़ारों में बंद-शटर की स्थिति रही और लोगों में दहशत फैल गई ।
⚖️ अदालत और FIR
स्थानीय अदालत ने गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा। फिलहाल पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पोस्ट की जाँच शुरू कर दी है। आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ है । कुल 180 नामित और 2,500 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ अभियोग दर्ज हुआ । मौलाना तौकीर रज़ा खान गिरफ्तार, अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा।
📢 प्रतिक्रियाएँ
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख़्त लहजे में कहा कि ऐसे उपद्रवियों पर “denting-painting” करनी चाहिए और किसी को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
- सिविल सोसाइटी समूहों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और “अत्यधिक बल प्रयोग” का आरोप लगाया।
- ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष ने अपील की कि “मोहब्बत दिलों में रहे, सड़कों पर न आए,” और लोगों से शांति बनाए रखने की गुज़ारिश की।
🔍 जाँच और आगे की स्थिति
पुलिस का दावा है कि यह हिंसा पूर्वनियोजित साज़िश का हिस्सा थी। व्हाट्सऐप और सोशल मीडिया के ज़रिए भीड़ जुटाने और माहौल भड़काने के सबूत तलाशे जा रहे हैं।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, मगर Bareilly अब भी पुलिस की कड़ी निगरानी में है।
Bareilly की यह घटना सिर्फ़ एक नारे से शुरू होकर बड़े पैमाने पर हिंसा, गिरफ्तारियों, इंटरनेट निलंबन और राजनीतिक बयानों तक पहुँच गई। प्रशासन का दावा है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी, जबकि कुछ लोग इसे “अनावश्यक कठोरता” बता रहे हैं । शहरवासी दहशत में हैं और आने वाले दिनों में अदालत और पुलिस की कार्यवाही पर सबकी नज़र टिकी रहेगी ।
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