बस्ती | संवाददाता : अभिषेक मिश्रा
बस्ती जनपद के मुंडेरवा क्षेत्र स्थित ग्राम अहरा में देश के वीर सपूत अमर शहीद स्वर्गीय नरेंद्र कुमार यादव के बलिदान को नमन करते हुए समाजसेवी मनीष भैया (मनीष मिश्रा) उनके पैतृक आवास पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शहीद के परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की, श्रद्धांजलि अर्पित की तथा हर परिस्थिति में परिवार के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
मनीष भैया ने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवान कभी नहीं मरते, बल्कि वे देशवासियों के हृदय में सदैव अमर रहते हैं। उन्होंने कहा कि शहीदों का सम्मान केवल श्रद्धांजलि अर्पित करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और सहयोग का दायित्व भी समाज और प्रत्येक नागरिक का है।
₹50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की
इस अवसर पर मनीष भैया ने शहीद परिवार को ₹50,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की। साथ ही अपनी संस्था “पहल” के माध्यम से परिवार के एक सदस्य को रोजगार उपलब्ध कराने का संकल्प लिया, ताकि परिवार आत्मनिर्भर बन सके और भविष्य सुरक्षित हो।
शहीद परिवार के लिए पक्का मकान बनवाने की घोषणा
मनीष भैया ने शहीद परिवार के लिए पक्का मकान बनवाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक घर नहीं होगा, बल्कि ऐसा स्मारक होगा जिसकी हर ईंट वीर नरेंद्र कुमार यादव के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और सर्वोच्च बलिदान की गाथा सुनाएगी तथा आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की प्रेरणा देगी।
उन्होंने कहा,
“यह कोई एहसान नहीं, बल्कि उस तिरंगे का सम्मान है जिसके लिए हमारे वीर जवान अपना सर्वस्व न्योछावर कर देते हैं। ईश्वर से मेरी प्रार्थना है कि मुझे इतना सामर्थ्य दें कि मैं अपने सभी संकल्प पूरे कर सकूं। यही अमर शहीद के प्रति मेरी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”
भविष्य में भी सहयोग का दिया भरोसा
मनीष भैया ने शहीद परिवार को आश्वस्त किया कि यह सहयोग केवल एक बार की सहायता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में भी हर संभव मदद की जाएगी और परिवार को किसी भी परिस्थिति में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने अमर शहीद स्वर्गीय नरेंद्र कुमार यादव को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। सभी ने एक स्वर में कहा कि देश अपने वीर सपूतों का सदैव ऋणी रहेगा तथा प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह शहीदों के परिवारों के सम्मान और सहयोग के लिए आगे आए।
