मथुरा में यमुना का जलस्तर बढ़ने से जनजीवन अस्त-व्यस्त, प्रशासन ने रोका रास्ता

मथुरा: यमुना नदी का लगातार बढ़ता जलस्तर एक बार फिर से मथुरा के नौहझील क्षेत्र में चिंता का विषय बन गया है। रविवार रात को यमुना के जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि ने नौहझील-शेरगढ़ मार्ग पर स्थिति को गंभीर बना दिया है।

सड़क पर तीन फीट तक पानी, आवागमन प्रभावित

जलस्तर बढ़ने से नौहझील-शेरगढ़ मार्ग पर तीन जगहों – गांव छिनपारई, छिनपारई प्याऊ और यमुना पुल के पास – पानी का तेज बहाव देखा जा रहा है। सबसे ज्यादा पानी यमुना पुल के पास है, जहाँ सड़क पर दो से तीन फीट तक पानी बह रहा है। इस तेज बहाव के कारण दोपहिया वाहन पानी में बह रहे हैं, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन ने बंद किया मार्ग, फिर भी जोखिम भरा सफर

प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए छिनपारई गांव के पास बैरियर लगाकर दोपहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया है। इसके बावजूद, कुछ लोग अपनी जान जोखिम में डालकर पानी से भरी सड़क को पार करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, कुछ ट्रैक्टर संचालक इस स्थिति का फायदा उठा रहे हैं। वे दोपहिया वाहनों को अपनी ट्रॉली में रखकर प्रति सवारी 50 रुपये वसूल कर लोगों को सड़क पार करा रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था की कमी, युवा कर रहे स्टंटबाजी

हैरानी की बात यह है कि सड़क पर पानी का तेज बहाव होने के बावजूद सुरक्षा के लिए कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं है। इस लापरवाही का फायदा उठाकर कुछ युवा पानी में स्टंटबाजी और स्नान करते हुए दिख रहे हैं, जो एक बड़े खतरे का संकेत है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर वैकल्पिक व्यवस्था न करने का आरोप लगाया है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

इस मामले पर, तहसीलदार बृजेश कुमार ने बताया कि यमुना का जलस्तर काफी बढ़ गया है, जिसके कारण दोपहिया वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही सुरक्षा की दृष्टि से पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। इसके अलावा, बाढ़ से प्रभावित हुई फसलों का सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन भी दिया गया है। फिलहाल, लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है।

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