मेरठ/नई दिल्ली, संवाददाता।
मेरठ के सरूरपुर इलाके के भूनी टोल प्लाजा पर भारतीय सेना के जवान कपिल कुमार (निवासी – गोटका गांव) से मारपीट का मामला बड़ा विवाद बन गया है। रविवार रात को हुई इस घटना का वीडियो वायरल होते ही न केवल स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए बल्कि सेना ने भी सख्त रुख अपनाया।
कैसे हुआ विवाद?
जवान कपिल कुमार, जो कश्मीर में राष्ट्रीय रायफल्स में तैनात हैं, छुट्टी समाप्त होने के बाद सोमवार सुबह दिल्ली से कैंप वापस लौटने के लिए निकले थे। नियम के अनुसार सेना के जवानों को टोल से छूट मिलती है, इसलिए उन्होंने पहचान पत्र दिखाकर जल्दी निकलने का आग्रह किया। इसी दौरान टोल कर्मियों से बहस बढ़ गई और कर्मचारियों ने उनका आईडी कार्ड छीनकर लाठी-डंडों से बुरी तरह पिटाई कर दी।

वीडियो वायरल और ग्रामीणों का आक्रोश
रात को ही घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें जवान को खंभे से सटाकर टोल कर्मचारी डंडों और लात-घूसों से पीटते नजर आए। वीडियो सामने आने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण टोल प्लाजा पर जुटे और हंगामा कर टोल फ्री कर दिया। अगले दिन भी आक्रोश जारी रहा और सुरक्षा के लिहाज से पुलिसबल तैनात रहा।
NHAI और प्रशासन की कार्रवाई
घटना को गंभीर मानते हुए NHAI ने भूनी टोल प्लाजा का ठेका रद्द कर दिया और ठेकेदार कंपनी (धर्म सिंह कंपनी) पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं, पुलिस ने FIR दर्ज कर 6 संगीन धाराएं (जिसमें हत्या की कोशिश और डकैती शामिल) लगाई हैं। अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
सेना का सख्त रुख
सेना की सूर्य कमांड ने बयान जारी कर कहा – “सर्विंग सैनिक के साथ इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है। दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।”
आगे क्या होगा?
FIR में दर्ज धाराओं के अनुसार आरोपियों को लंबी जेल की सजा हो सकती है। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि आरोपियों पर रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) के तहत भी कार्रवाई की जाए।
