‘ड्रग क्वीन’ कुसुम का साम्राज्य ध्वस्त – अब दिल्ली पुलिस की नज़र पूरे नेटवर्क पर,

नई दिल्ली, 20 अगस्त 2025
सुल्तानपुरी की गलियों में दशकों से पसरे नशे के काले कारोबार पर दिल्ली पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है। ‘ड्रग क्वीन’ कुसुम की चार करोड़ से अधिक की अवैध संपत्तियाँ जब्त कर ली गईं, लेकिन यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने और इस गिरोह को जड़ से उखाड़ने की तैयारी में है।

🚔 पुलिस की अब तक की कार्रवाई

  • 8 प्रॉपर्टीज जब्त – 7 सुल्तानपुरी में, 1 रोहिणी सेक्टर-24 में।
  • आलीशान चार मंज़िला हवेली सील – चार मकानों को जोड़कर बनाया गया “मिनी किला”, जिसके बाहर CCTV कैमरे और ऊँची दीवारें थीं।
  • बड़े पैमाने पर नशा और कैश जब्त – कुसुम के बेटे अमित से 550 हेरोइन पाकेट, ट्रामाडोल टैबलेट्स, ₹14 लाख कैश और एक स्कॉर्पियो SUV बरामद।
  • बेटियों के बैंक खातों में ₹2 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन – छोटे-छोटे ट्रांजेक्शनों के ज़रिये ड्रग मनी को सफेद करने की कोशिश।

⚖️ MCOCA का हथियार – क्यों डर रहा है गिरोह?

पुलिस अब इस गिरोह पर MCOCA (Maharashtra Control of Organised Crime Act) लगाने पर विचार कर रही है।

  • इस क़ानून के तहत अपराधियों की जमानत मुश्किल हो जाती है।
  • गिरोह के खिलाफ संगठित अपराध चलाने का आरोप लगेगा।
  • पुलिस को लंबी हिरासत और आर्थिक जांच की पूरी छूट मिलती है।

यदि यह लागू होता है, तो कुसुम और उसके सहयोगियों की सिर्फ संपत्ति ही नहीं, बल्कि बैंक खाते, शेल कंपनियाँ और हवाला नेटवर्क तक कुर्क हो सकता है।


🧩 गिरोह की कार्यप्रणाली – मोहल्ले को ‘नशे का किला’ बनाने की साजिश

  • कुसुम के घर को ‘सप्लाई पॉइंट’ बना दिया गया था।
  • सप्लायर खिड़की से रस्सी लटकाकर पाउच नीचे गिराते, किशोर उठाकर तुरंत ग्राहकों तक पहुँचाते।
  • उसी रस्सी से पैसा ऊपर भेजा जाता।
  • आसपास निगरानी के लिए छोटे बच्चों और युवाओं को ‘चौकीदार’ की तरह तैनात किया गया था।

यह ‘मिनी ड्रग हब’ का मॉडल सुल्तानपुरी और आस-पास की बस्तियों में तेजी से फैल रहा था।


👮 पुलिस की आगे की योजना

  1. कुसुम की गिरफ्तारी प्राथमिकता – फरार कुसुम को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस ने कई राज्यों में रेड अलर्ट जारी किया है।
  2. MCD को पत्र – अवैध निर्माण ध्वस्त करने और गिरोह के कब्जे वाले अड्डों को ज़मींदोज़ करने की तैयारी।
  3. बैंक खातों की फॉरेंसिक जांच – संदिग्ध ट्रांजेक्शनों का हवाला कनेक्शन खोजा जा रहा है।
  4. इलाके में स्पेशल पेट्रोलिंग – ताकि दोबारा नशे की सप्लाई चैन खड़ी न हो सके।
  5. सामुदायिक भागीदारी – पुलिस मोहल्ला कमेटियों और NGO को शामिल कर युवाओं को नशे से दूर रखने की योजना पर काम कर रही है।

📉 नशे का सामाजिक असर – सुल्तानपुरी की पीड़ा

स्थानीय निवासियों के मुताबिक, कुसुम का नेटवर्क इलाके के स्कूल-कॉलेज के युवाओं तक नशा पहुँचा रहा था।

  • कई घर बर्बाद हो चुके हैं।
  • माता-पिता अपने बच्चों को बचाने के लिए मजबूरन पुलिस को सूचनाएँ देने लगे।
  • इसीलिए मार्च की छापेमारी के बाद मोहल्ले में लोगों ने पुलिस का खुलकर समर्थन किया।

🗣️ पुलिस का बयान

डीसीपी बाहरी जिला सचिन शर्मा ने कहा:
“हम सिर्फ संपत्ति जब्ती तक नहीं रुकेंगे। सुल्तानपुरी को नशामुक्त करना और इस गिरोह की जड़ काटना हमारी प्राथमिकता है। जो भी अवैध तरीके से कमाई करेगा, उसकी संपत्ति ज़ब्त होगी और MCOCA जैसे कड़े क़ानून के तहत कार्रवाई होगी।”


🔎 निष्कर्ष

सुल्तानपुरी में कुसुम की गिरफ्तारी अब प्रतीक बन गई है – यह सिर्फ एक महिला ड्रग तस्कर का मामला नहीं, बल्कि दिल्ली के नशे के काले कारोबार के खिलाफ जंग का हिस्सा है।
दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई दिखाती है कि अब नशे का कारोबार सिर्फ गिरफ्तारी से नहीं रुकेगा, बल्कि अवैध संपत्ति, बैंक खाते और पूरे गिरोह की आर्थिक रीढ़ पर प्रहार होगा।

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