दिल्ली: राजधानी दिल्ली में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में, दिल्ली पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी सब-इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की छवि पर एक और दाग लगाती है और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की जरूरत को उजागर करती है।

क्या है पूरा मामला?
रोहिणी जिले के एक सब-इंस्पेक्टर को सीबीआई ने 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। बताया जा रहा है कि सब-इंस्पेक्टर ने एक मामले में आरोपी शख्स से मदद के बदले में यह रिश्वत मांगी थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत सीबीआई से की, जिसके बाद जांच एजेंसी ने जाल बिछाकर सब-इंस्पेक्टर को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
दिल्ली पुलिस ने लिया एक्शन
सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद दिल्ली पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि 5 अगस्त, 2025 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सीबीआई ने रोहिणी जिले के एक सब-इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया था। इस घटना के बाद आरोपी अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है।
हाल के दिनों में भ्रष्टाचार के कई मामले
यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली पुलिस के किसी अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। पिछले कुछ समय में दिल्ली पुलिस के कई अधिकारियों के खिलाफ रिश्वतखोरी के मामले सामने आए हैं। हाल ही में, एक महिला सब-इंस्पेक्टर को 20 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था और एक अन्य मामले में एक इंस्पेक्टर ने 1 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। इन घटनाओं से दिल्ली पुलिस की साख को गहरा धक्का लगा है और यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत गहरी हो चुकी हैं।
दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर एस. बी. के. सिंह ने भी हाल ही में अधिकारियों को रिश्वतखोरी पर लगाम लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी डीसीपी को अपने अधिकार क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और भ्रष्ट अधिकारियों की पहचान करने के लिए कहा है, ताकि दिल्ली पुलिस की छवि को सुधारा जा सके।
