31 जुलाई 2025, झारखंड
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी सफलता दर्ज करते हुए अलकायदा के महिला मॉड्यूल की सरगना शमा परवीन को गिरफ्तार किया है। कट्टरपंथी सोच से ओतप्रोत शमा परवीन पर देशविरोधी गतिविधियों को अंजाम देने और महिलाओं को जिहाद के लिए उकसाने का गंभीर आरोप है।

कौन है शमा परवीन?
शमा परवीन मूल रूप से झारखंड के कोडरमा की रहने वाली है। गुजरात एटीएस ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन अलकायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) के राष्ट्र-विरोधी प्रचार को बढ़ावा देने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया ।
सोशल मीडिया बना हथियार:
शमा ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर कई महिलाओं को कट्टरपंथी सोच से प्रभावित किया। Telegram, WhatsApp और अन्य माध्यमों के जरिए वह महिलाओं को अलकायदा की विचारधारा से जोड़ने का काम करती थी।
🔹 महिला मॉड्यूल का नेटवर्क:
NIA की जांच में सामने आया है कि शमा ने एक पूरा महिला मॉड्यूल तैयार किया था, जिसका मकसद महिलाओं को आतंकी गतिविधियों में शामिल करना था। उसने ‘हिजरत’ (इस्लामिक माइग्रेशन) और ‘जिहाद’ को धार्मिक कर्तव्य बताकर कई युवतियों को बरगलाया।
🔹 NIA की छापेमारी और सबूत:
NIA को उसके घर से कई आपत्तिजनक डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज़, और जिहादी साहित्य मिले हैं। उसकी गतिविधियाँ सिर्फ भारत तक सीमित नहीं थीं, वह इंटरनेशनल ग्रुप्स के संपर्क में भी थी।
🔹 साजिश का खुलासा:
NIA के मुताबिक, शमा देश के भीतर आतंकी स्लीपर सेल्स को सक्रिय करने की योजना बना रही थी। महिला आतंकियों के ज़रिए आत्मघाती हमलों की तैयारी की जा रही थी, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।
🔹 परिवार और पड़ोसियों की प्रतिक्रिया:
शमा के परिवार वाले हैरान हैं, जबकि पड़ोसियों का कहना है कि वह पहले से ही अजीब व्यवहार करने लगी थी और किसी से ज्यादा घुलती-मिलती नहीं थी।
🔹 अब आगे क्या?
NIA ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और उसके नेटवर्क में शामिल अन्य महिलाओं की तलाश जारी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारी संभव है। शमा परवीन की गिरफ्तारी अल-कायदा के भारत में विस्तार की कोशिशों पर एक बड़ा झटका है। यह घटना यह भी दर्शाती है कि समाज में कट्टरपंथ किस कदर पैठ बना रहा है, खासकर ऑनलाइन माध्यमों के जरिए। अब यह जरूरी है कि सरकार और समाज दोनों मिलकर इस खतरे का मुकाबला करें, और युवाओं को कट्टरपंथी विचारों से दूर रखने के लिए जागरूकता और शिक्षा को बढ़ावा दें।
