रुद्रप्रयाग में बादल फटने से मची भारी तबाही

घर और गाड़ियां मलबे में दबे, गांव में हाहाकार — राहत व बचाव कार्य जारी

रुद्रप्रयाग, 26 जुलाई (संवाददाता)।
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग ज़िले की केदारघाटी में शनिवार तड़के बादल फटने से भारी तबाही मच गई। अचानक आई इस आपदा में कई घर और गाड़ियां मलबे में दब गईं। ग्रामीणों के अनुसार, आधी रात के बाद तेज़ गर्जना और मूसलाधार बारिश के बाद पहाड़ से आया मलबा गांव में घुस गया।

मलबे में दबे मकान और वाहन

स्थानीय प्रशासन ने बताया कि अब तक चार मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि कई अन्य घर आंशिक रूप से नुकसान झेल रहे हैं। खेत और बगीचों को भी व्यापक नुकसान हुआ है। कई वाहन मलबे में दब गए।

ग्रामीणों में दहशत

घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। ग्रामीण कमला देवी ने रोते हुए कहा —
“हमारा सबकुछ मलबे में दब गया। जान बचाना मुश्किल था।”

राहत और बचाव कार्य

सूचना मिलते ही SDRF, NDRF और पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुँचीं और राहत कार्य शुरू किया। मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी है। प्रशासन ने कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा और प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य व राशन सहायता पहुँचाई।

मुख्यमंत्री ने जताया शोक

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग को राहत व पुनर्वास कार्य तेज़ करने के निर्देश दिए।

विशेषज्ञों की चेतावनी

मौसम विभाग और भूगर्भ वैज्ञानिकों ने चेताया है कि मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में बादल फटने और भूस्खलन की घटनाएँ और बढ़ सकती हैं। स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने और अलर्ट पर रहने की सलाह दी गई है।

रुद्रप्रयाग की यह घटना उत्तराखंड में मानसून आपदाओं की गंभीरता को फिर सामने लाती है। अब सवाल यह है कि कब तक पहाड़ों में रहने वाले लोग अचानक आने वाली इस प्राकृतिक विपदा का शिकार बनते रहेंगे?

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